राजस्थान में घूमने की बात आती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में जयपुर, उदयपुर, माउंट आबू या जैसलमेर का नाम आता है। लेकिन हाड़ौती क्षेत्र में भी कई ऐसी जगहें हैं, जहां कम खर्च में शानदार वीकेंड बिताया जा सकता है। ऐसी ही एक खूबसूरत यात्रा है रावतभाटा, बाड़ोली मंदिर और भैंसरोड़गढ़ किला।
अगर आप कोटा, बूंदी या चित्तौड़गढ़ के आसपास रहते हैं और शनिवार-रविवार को परिवार या दोस्तों के साथ कहीं निकलना चाहते हैं, तो यह रूट आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां चंबल नदी के नजारे, पुराने मंदिर, पहाड़ियां और ऐतिहासिक किला देखने को मिलता है।
कोटा से रावतभाटा कैसे पहुंचें?
कोटा से रावतभाटा की सड़क दूरी लगभग 55 से 60 किलोमीटर है। निजी गाड़ी से पहुंचने में करीब डेढ़ घंटा लग सकता है। रास्ते में हरियाली, पहाड़ियां और चंबल घाटी के दृश्य सफर को खूबसूरत बनाते हैं।
अपनी बाइक या कार से जाना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा, क्योंकि यहां घूमने की जगहें अलग-अलग दूरी पर हैं। कोटा से रावतभाटा के लिए बस भी मिल सकती है, लेकिन आगे स्थानीय वाहन की जरूरत पड़ सकती है। सुबह जल्दी निकलेंगे तो एक ही दिन में कई जगहें आराम से देख सकेंगे।
बाड़ोली मंदिर: जहां पत्थरों में बसी है सदियों पुरानी कला

रावतभाटा के पास स्थित बाड़ोली मंदिर समूह इस सफर की सबसे खास जगहों में शामिल है। यहां करीब नौ प्राचीन मंदिरों का समूह है, जिनका संबंध लगभग 9वीं से 11वीं शताब्दी की स्थापत्य परंपरा से माना जाता है।
इनमें घटेश्वर महादेव मंदिर सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। मंदिर की दीवारों और खंभों पर बनी बारीक नक्काशी देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय के कारीगर कितने हुनरमंद रहे होंगे।
यहां घूमने के लिए लगभग एक से डेढ़ घंटा पर्याप्त रहेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार सामान्य प्रवेश निःशुल्क है और भारत सरकार का पर्यटन पोर्टल सूर्योदय से सूर्यास्त तक घूमने का समय बताता है। फिर भी जाने से पहले स्थानीय जानकारी जरूर ले लें।
रावतभाटा में चंबल और राणा प्रताप सागर का नजारा

बाड़ोली से आगे रावतभाटा पहुंचने पर चंबल नदी और राणा प्रताप सागर बांध के आसपास का प्राकृतिक नजारा देखने लायक है। बरसात के बाद यहां की पहाड़ियां और पानी का फैलाव काफी सुंदर दिखाई देता है।
पास में चूलिया जलप्रपात भी है, जहां पानी चट्टानों के बीच से होकर बहता है। हालांकि बांध और बिजली परियोजनाओं के आसपास कई स्थान सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंधित हैं। इसलिए केवल सार्वजनिक और अनुमति वाले स्थानों से ही नजारे देखें।
बरसात में पानी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी के किनारे या फिसलन वाली चट्टानों पर जाने से बचना चाहिए।
भैंसरोड़गढ़ किला: शानदार नजारा, लेकिन प्रवेश की जानकारी जरूरी

रावतभाटा से करीब सात किलोमीटर आगे भैंसरोड़गढ़ किला है। चंबल और ब्राह्मणी नदियों के पास ऊंची चट्टान पर बना यह किला अपनी अनोखी स्थिति के कारण प्रसिद्ध है।
यहां एक जरूरी बात समझनी चाहिए। भैंसरोड़गढ़ किले का एक हिस्सा हेरिटेज होटल है, जबकि कुछ हिस्सा निजी निवास के रूप में इस्तेमाल होता है। इसलिए इसे आम पर्यटक किलों की तरह खुला मानकर नहीं चलना चाहिए।
बिना होटल में रुके आप गांव के सार्वजनिक रास्तों और उपलब्ध सार्वजनिक स्थानों से किले का बाहरी नजारा देख सकते हैं। लेकिन होटल के कमरे, छत, आंगन और निजी परिसर में प्रवेश के लिए प्रबंधन की अनुमति जरूरी है। केवल घूमने या भोजन करने की अनुमति मिलेगी या नहीं, इसकी पहले पुष्टि कर लें।
रावतभाटा वीकेंड ट्रिप का कुल खर्च कितना आएगा?
अगर दो लोग कोटा से बाइक पर एक दिन की यात्रा करते हैं, तो अनुमानित पेट्रोल खर्च ₹350–₹500, दोनों का खाना-नाश्ता ₹400–₹600 और पानी-पार्किंग जैसे छोटे खर्च ₹100–₹200 हो सकते हैं। इस तरह दो लोगों की एक दिन की यात्रा लगभग ₹850–₹1,300 में पूरी हो सकती है।
अपनी कार से जाने पर ईंधन का खर्च लगभग ₹900–₹1,400 मानें। खाना और दूसरे खर्च जोड़कर दो लोगों का बजट ₹1,400–₹2,200 के आसपास रहेगा। ये उदाहरणात्मक अनुमान हैं; वास्तविक खर्च माइलेज, ईंधन की कीमत और यात्रा की दूरी पर निर्भर करेगा।
अगर शनिवार को जाकर रविवार को लौटना चाहते हैं, तो रावतभाटा में सामान्य होटल या गेस्टहाउस का कमरा अलग से बुक कर सकते हैं। उदाहरण के लिए ₹1,000–₹2,000 कमरे और अतिरिक्त भोजन का बजट रखें। इससे दो लोगों की बाइक से दो दिन की यात्रा लगभग ₹2,300–₹4,000 में प्लान की जा सकती है। वास्तविक कमरे का किराया पहले जांचें।
भैंसरोड़गढ़ फोर्ट होटल में रुकना पूरी तरह वैकल्पिक है। इसका खर्च ऊपर बताए गए बजट में शामिल नहीं है। होटल की वर्तमान सत्यापित रूम दर उपलब्ध नहीं मिली, इसलिए ठहरने का किराया और भोजन पैकेज सीधे होटल से पूछें।
घूमने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च तक का मौसम इस इलाके में घूमने के लिए अच्छा रहता है। बरसात के बाद प्राकृतिक नजारे ज्यादा हरे-भरे मिलते हैं, लेकिन बारिश के दौरान पानी और रास्तों की स्थिति जरूर जांचें।
कम बजट में राजस्थान की ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां इतिहास, प्रकृति और सुकून तीनों मिलें, तो रावतभाटा–बाड़ोली–भैंसरोड़गढ़ का सफर जरूर प्लान कर सकते हैं। खास बात यह है कि यहां खूबसूरत जगहें देखने के लिए किसी महंगे हेरिटेज होटल में रुकना जरूरी नहीं है।



